सोमवार, 9 अगस्त 2010

नई मंजिलों की ओर अग्रसर बिहार

सड़कें किसी भी राष्ट्र की जीवन रेखा होती है... और सड़क रूपी धमनियों से होकर ही राष्ट्र के विकास के लिए जरूरी तत्वों का प्रवाह होता है... अगर किसी प्रदेश में सड़कों का हाल खराब है...तो ये तय है कि उस प्रदेश का कभी विकास नहीं हो सकता...।
प्रदेश की पिछली सरकार ने शायद इस सच को अनदेखा कर दिया था... जिसकी वजह से बिहार कभी विकास के पथ पर चला ही नहीं, लेकिन विकास पुरूष नीतीश कुमार ने इस सच को पहचाना और प्रदेश की सड़कों का कायाकल्प कर दिया...सड़कों के कायाकल्प की वजह से ही आज राज्य के विकास की गति देश में सबसे अव्वल है।
पथ निर्माण के क्षेत्र में राज्य निधि से एक हजार छह सौ सत्तावन किलोमीटर राष्ट्रीय उच्च पथ का उन्नयन किया जा रहा है.... पूर्व घोषित दो हजार पैंतीस किलोमीटर राज्य उच्च पथों का राष्ट्रीय सम विकास योजना के तहत उन्नयन किया जा रहा है.... नव घोषित राज्य उच्च पथों में से आठ सौ बीस किलोमीटर को बी एस एच डी पी एक अंतर्गत ए डी बी से कर्ज लेकर दो लेन में परिणत करने का निर्णय लिया गया है।
बी एस एच डी पी टू के अंतर्गत छह दूसरे राज्य उच्च पथों के उन्नयन के लिए एडीबी से तीन सौ मिलियन डॉलर का कर्ज मिल चुका है...जिसके जरिये जल्द ही राज्य उच्च पथों पर निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
अति महत्वाकांक्षी राज्य उच्च पथ संख्या अठहत्तर जो बिहटा को सिरमेरा से जोड़ेगी का काम शुरू कर दिया गया है.... इतना ही नहीं प्रदेश में इस वक्त पांच हजार पांच सौ पच्चासी किलोमीटर के वृहद जिला पथों के उन्नयन का काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री सेतु योजना के अन्तर्गत एक हजार छह सौ इकहत्तर योजनाएं पूरी हो चुकी है... पथ निर्माण में देरी न हो इसके लिए बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड का गठन किया गया है....मुख्यालय स्थित गुण नियंत्रण प्रयोगशाला का आधुनिकीकरण किया जा चुका है...संविदा विवाद के त्वरित निष्पादन के लिए आरविटरेशन ट्रिव्यूनल का गठन किया गया है... साथ ही साथ मुख्यालय में ऑल लाइन टोल फ्री हेल्पलाइन की शुरूआत की गई है। पुल निर्माण में क्वॉलिटी का ध्यान रखा जाए इसके लिए मोबाईल इंस्पेक्टर..... ऑन लाइन मानिटरींग और इनफॉरमेशन किसोक की व्यवस्था की गई है जो हर निर्माण पर ध्यान रखती है।
पुल निर्माण निगम की बात करें तो दो हजार नौ-दो हजार दस में योजना व्यय का निन्यानवें दशमलव अठानवे फीसदी की उपलब्धि प्राप्त हुई जो एक रिकार्ड है... विस्तार से कहें तो राज्य सरकार ने इस दौरान सात सौ उनचालीस करोड़ इकतीस लाख रूपये की लागत पर पच्चीस स्वीकृत आर ओ बी के अंतर्गत सात आर ओ बी का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है..... बांकि बचे अठारह आर ओ बी का निर्माण कार्य प्रगति पर है जो जल्द ही पूरा हो जाएगा। इसके अतिरिक्त पांच सौ चौवालीस करोड़ की लागत से बारह और आर ओ बी के निर्माण की स्वीकृति रेल मंत्रालय से मिल चुकी है।
गोपालगंज के बिशुनपुर में गंडक नदी पर पुल... बगहा-धनहा के बीच गंडक नदी पर रतवल घाट पुल......... अरवल सहार के बीच सोन नदी पर पुल..., सहरसा-दरभंगा के बीच कोसी नदी पर बलुआहा घाट पर पुल..... सीतामढ़ी घाट पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है...और जल्द ही इन पुलों का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा ताकि लोग आसानी से और सुरक्षित नदी पार सके।
बख्तियारपुर-पटोरी के बीच गंगा नदीं पर बी ओ टी आधार पर पुल बनाने के लिए राज्य सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों में सहमति बन गई है... और जल्द ही यहां पुल के निर्माण के लिए काम शुरू हो जाएगा... आरा-छपरा के बीच गंगा नदी पर औऱ कोसी नदी पर विजयघाट पुल के लिए भी राज्य निधि से स्वीकृति मिल चुकी है।
बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने शुरूआती दौर में ही लाभ कमाना शुरू कर दिया है...कारपोरेशन ने मुख्यमंत्री राहत कोष में पांच करोड़ का अंशदान भी किया है...।
टेंडर भरने का काम पारदर्शी तरीके से संभव हो इसके लिए मुख्यालय सहित सभी कार्य प्रमंडलों का कम्प्यूटरीकरण कर दिया गया है.... साथ ही साथ राज्य सरकार ने निविदा भरने के लिए ई-टेन्डरिंग शुरू की है जिसके जरिए अबतक नौ सौ इकहत्तर करोड़ की एक सौ नवासी निविदाएं प्राप्त हो चुकी है।
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम द्वारा कुल एक सौ तीरपन पुलों के अतिरिक्त मुख्यमंत्री सेतु निर्माण योजना के अंतर्गत चार सौ छियासठ पुलों का निर्माण किया गया है।
निगम के द्वारा पूरे किये महत्वपूर्ण पुलों में लोहिया सेतु भागलपुर.....कटौझा पुल, सीतामढ़ी.... डुब्बाघाट पुल, सीतामढ़... झौआघाट पुल, कटिहार..... लाभा पुल, कटिहार.... लोकनायक सेतु, पटना..... का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम का टर्न ओवर दो हजार चार-पांच के बयालीस करोड़ बासठ लाख से बढ़कर आठ सौ अठावन करोड़ हो गई है...जो इस बात का परिचायक है कि बिहार राज्य पुल निर्माण निगम का विकास किस रफ्तार से हो रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति के पथ पर जो काम किए हैं...उसकी वजह से सरकार और जनता के बीच विश्वास के सेतू का निर्माण हुआ है... जनता का यही वो विश्वास है जिसे जीतने मुख्यमंत्री लगातार कोशिश कर रहे हैं और धरातल पर उनकी कोशिश कामयाब होती नजर आ रही है।

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