कोई भी प्रदेश कितना विकसित है और वहां विकास की रफ्तार कितनी तेज है, इसका अंदाजा वहां रहने वालों लोगों की शिक्षा और रहन-सहन को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है....।
बिहार के लोगों में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने के लिए प्रदेश का मानव संसाधन विकास मंत्रालय लगातार कोशिश कर रहा है... और जो संसाधन उसके पास उपलब्ध है उन्ही का उपयोग कर वो राज्य में विकास का मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं.... राज्य सरकार इस वक्त अपने संसाधनों के बलबूते चालीस से अधिक योजनाएं चला रही है... जिसका लाभ समाज के सभी तबकों को मिल रहा है।
राज्य में पिछले पांच सालों में अठारह हजार चार सौ सत्तावन नये प्राथमिक विद्यालय खोले गये हैं और चौदह हजार छह सौ पचहत्तर प्राथमिक विद्यालयों को मध्य विद्यालय में उत्क्रमित किया गया है... राज्य में दो लाख पंद्रह हजार एक सौ पैंतालीस शिक्षकों का नियोजन सम्पन्न हो गया है... इन शिक्षकों के आने से राज्य में छात्र-शिक्षक अनुपात 58 अनुपात एक का हो गया है... शिक्षकों का जो नियोजन होने वाला है उसके बाद ये अनुपात चालीस अनुपात एक का हो जाएगा... माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा में ग्यारह हजार माध्यमिक शिक्षकों एवं पांच सौ उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति नियत वेतन पर की गई है।
कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक की सभी छात्राओं और अनुसूचित जाति और जनजाति के सभी छात्रों को हर साल मुफ्त में किताबें उपलब्ध कराई जा रही है... छात्र-छात्राओं को स्कूल मंअ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके.... इसके लिए सभी मध्य एवं प्राथमिक विद्यालयों को कम से कम दस और छह कमरे उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है...साथ ही हर स्कूल में दो शौचालय जिसमें एक बालिकाओं के लिए अनिवार्य होगा का निर्माण कराया जा रहा है... अबतक प्रदेश के उन्यासी फीसदी स्कूलों में इनका निर्माण हो भी चुका है।
छह से चौदह साल के वैसे बच्चे जो शिक्षा की मुख्य धारा में शामिल नहीं है... उनके लिए राज्य सरकार संकल्प अभियान चला रही है... दो हजार छह-दो हजार सात में जहां प्रदेश में पच्चीस लाख बच्चे स्कूल से बाहर थे वहीं अब ये संख्या घटकर सात लाख सत्तर हजार रह गई है.... स्कूल नहीं जाने वाले मुस्लिम बच्चों के लिए राज्य सरकार की तरफ से तालिमी मरकज औऱ महादलित बच्चों के लिए अलग से उत्थान केंद्र चलाए जा रहे हैं। तालिमी मरकज के तहत एक हजार दो सौ तेरानवें तालिमी मरकज केंद्रों में उन्चास हजार सात सौ बीस बच्चे और दस हजार आठ सौ उन्हत्तर केंन्द्रों में दो लाख इकहत्तर हजार सात सौ पच्चीस बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री समग्र विद्यालय विकास योजना के अंतर्गत चालीस हजार कमरों का निर्माण पूरा हो चुका है...जबकि इसी योजना के तहत पंद्रह हजार कमरों की मरम्मती...और बीस हजार खेल के मैदानों का निर्माण किया गया है...।
बीएसईडीसी के सहयोग से दो सौ चौवालीस मध्य विद्यालयों में कंप्यूटर आधारित शिक्षा ई-समर्थ शरू की गई है जिसके तहत इकसठ हजार बच्चे कंप्यूटर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं...।
एनआईओएस के सहयोग से हुनर कार्यक्रम के तहत तेरह हजार सात सौ अड़सठ अल्पसंख्यक बालिकाओं को सात अलग-अळग ट्रेडो में व्यवसायिक रूप से प्रशिक्षित किया गया है...।
राज्य के सीमावर्ती इकतीस प्रखंडों की लड़कियों को शिक्षित करने और क्षेत्र आधारित व्यवसायों में दक्ष करने हेतू व्यवसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम ज्ञानज्योति की शुरूआत की गई है... साथ ही बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना की शुरूआत की गई है...जिसके तहत कक्षा छह से लेकर कक्षा आठ में पढ़ने वाली लड़कियों को हर साल पोशाक के लिए सात सौ रूपये उपलब्ध कराए जा रहे है..।
मौलाना अबुल कलाम आजाद के जन्मदिन ग्यारह नवम्बर को पिछले तीन सालों से शिक्षा दिवस का आयोजन किया जा रहा है... शिक्षा दिवस के अवसर पर प्रदेश सरकार की ओर से हर साल होनहार छात्रों को सम्मानित किया जाता है.. दो हजार आठ में अठारह, दो हजार नौ में सोलह छात्रों को बिहार गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया है....।
प्रदेश के दो हजार आठ सौ छप्पन माध्यमिक विद्यालयों को बारहवीं तक उत्क्रमित करने के लिए प्रति स्कूल उनचालीस लाख पचास हजार की राशि उपलब्ध कराई गई है... इतना ही नहीं नेतरहाट आवासीय विद्यालय की तर्ज पर सिमुलतला, जमुई में एक आवासीय विद्यालय की स्थापना की गई है।
मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना के तहत साइकिल खरीदने के लिए अभ तक नौंवी कक्षा के तेरह लाख साठ हजार छात्राओं को दो-दो हजार रूपये दिये गये हैं... ।
यूनिवर्सिटी ऑफ नालंदा की स्थापना के लिए नालंदा-राजगीर क्षेत्र में पांच सौ एकड़ जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी हो चुकी है... जल्द ही केंद्र औऱ अंतर्राषट्रीय सहयोग से इस अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा... इसके अलावा चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय पटना की स्थापना की जा रही है... वर्तमान में अनुग्रह नारायण सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान पटना के परिसर में इसके पठन पाठन का काम चल रहा है...।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान में दूसरे बैच की पढ़ाई शुरू हो चुकी है...साथ ही आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय के लिए कुलपति की नियुक्ति और बोर्ड गठन का काम पूरा हो चुका है...।
बावन करोड़ की लागत से मुख्यमंत्री अक्षर आंचल योजना की शुरूआत की गई है... जिसके तहत चालिस लाख निरक्षर महिलाओं को छह महीने में साक्षर बनाने का अभियान चलाया जा रहा है...जो अब अंतिम चरण में है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से चलाए जा रहे चालीस योजनाओं के जरिए राज्य का शैक्षिक विकास तो हो ही रहा है, साथ ही राज्य के समग्र विकास के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार हो रहा है...।
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