कैसे करूं मोहब्बत मैं
मोहब्बत का जनाजा हूं।
न सूरत है न सीरत है
जेब भी साली खाली है
और, कंक्रीटों के जंगल में
राही मैं अनजान खड़ा हूं।

कोई देखे कपड़ों का ब्रांडकिसी को गाड़ी-फ्लैट से मतलब
कैसे करूं मोहब्बत मैं
मोहब्बत का जनाजा हूं।।
दिल है मेरे पास
लेकिन दिल का करना क्या है,
उससे क्या सरोकार किसी का ?
दिल का काम धड़कना है
धक-धक से क्या पेट है पलता ?
सांसे तो सब ले लेते हैं
उसके नाम से लेना क्या
जीवन के लिए नाम नहीं
आक्सीजन जरूरी है !
शोहरत, दौलत, और बाहुबल
सबकी सच्ची मोहब्बत है।
इसकी-उसकी पीछे छोड़ो
धर्म-भाई ही पति बना है।।
अरे काहे की सच्ची मोहब्बत
ये तो गाली-ए-शहंशाह है !
पाकेट में तू भर पैसे पहले
और, बालों का बना कलरफुल
एक हाथ में धर स्टेयरिंग
फिर, बढ़ा तू दूजा हाथ
अब देख परिभाषा-ए-मोहब्बत
बदल जाएगी कैसे सबकी ।
फिर तू फरिश्ता-ए-मोहब्बत
और, वो तेरी शहजादी ।।
रंग जमेगा फिर शानदार
जब, खोटा सिक्का भी तनकर
लाख टका दाम बताएगा
और, खोटे संग खड़े हो
वो अपनी औकाद बताएगी
तेरे मोहब्बत को जानी वो
जनाजा कह पुकारेगी....
जनाजा कह पुकारेगी
जनाजा कह पुकारेगी ।।।।
मोहब्बत का जनाजा हूं।
न सूरत है न सीरत है
जेब भी साली खाली है
और, कंक्रीटों के जंगल में
राही मैं अनजान खड़ा हूं।

कोई देखे कपड़ों का ब्रांड
कैसे करूं मोहब्बत मैं
मोहब्बत का जनाजा हूं।।
दिल है मेरे पास
लेकिन दिल का करना क्या है,
उससे क्या सरोकार किसी का ?
दिल का काम धड़कना है
धक-धक से क्या पेट है पलता ?
सांसे तो सब ले लेते हैं
उसके नाम से लेना क्या
जीवन के लिए नाम नहीं
आक्सीजन जरूरी है !
शोहरत, दौलत, और बाहुबल
सबकी सच्ची मोहब्बत है।
इसकी-उसकी पीछे छोड़ो
धर्म-भाई ही पति बना है।।
अरे काहे की सच्ची मोहब्बत
ये तो गाली-ए-शहंशाह है !
पाकेट में तू भर पैसे पहले
और, बालों का बना कलरफुल
एक हाथ में धर स्टेयरिंग
फिर, बढ़ा तू दूजा हाथ
अब देख परिभाषा-ए-मोहब्बत
बदल जाएगी कैसे सबकी ।
फिर तू फरिश्ता-ए-मोहब्बत
और, वो तेरी शहजादी ।।
रंग जमेगा फिर शानदार
जब, खोटा सिक्का भी तनकर
लाख टका दाम बताएगा
और, खोटे संग खड़े हो
वो अपनी औकाद बताएगी
तेरे मोहब्बत को जानी वो
जनाजा कह पुकारेगी....
जनाजा कह पुकारेगी
जनाजा कह पुकारेगी ।।।।
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