बुधवार, 6 अप्रैल 2011

अण्णा हजारे हजारो हजार

जंतर मंतर याद रखेगा
अण्णा की हुंकार,
याद रखेगा हजार बरस
ये देश हिन्दुस्तान।

कब तक छुप कर बैठोगे ?
कब तक मुंह न खोलोगे ?
कब तक महारानी की आंचल से
मनमोहन, अपना चेहरा छुपाओगे ?
शरद, चिदबंरम जैसे काहिलो से
कब तक देश को उपकारोगे ?


अरे ‘प्यारे’ सत्ता के कीड़ो
अपनी खोली से बाहर निकल
देख जरा अण्णा की ताकत
पूरा 'हिन्दुस्तान' है,
जर्रा-जर्रा कह रहा है
अण्णा तुम्हारे साथ है ,
रोक सको तो रोक के देखो
सारी ताकत आजमा के देखो
लाठी, गोली, गैस के गोले
कम पड़ जाएंगे सब हथियार
अभी तो आगाज है ये
बांकी है अंजाम है अभी !

जनता बोले जनलोकपाल
है ताकत तो कर इनकार
तू सोनिया का गुलाम
हम हजारे के हैं साथ
तू भ्रष्टाचारी !
अपन फकीर
फिर भी देखेंगे तेरी ताकत
तौलेंगे फिर भी तेरी ताकत।।

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