मारा गया
ओसामा बिन लादेन
खत्म हुआ
आतंक का सबसे बड़ा नाम
...............................दुनिया का सबसे बड़ा आतंकी ओसामा बिन लादेन मारा जा चुका है.... अमेरिकी राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने जैसे ही इस बात की घोषणा की वैसे ही पूरी दुनिया में उन लोगों के दिलों को तसल्ली पहुंची जो किसी न किसी वजह से लादेन के कहर का शिकार हुए थे।
लादेन अमेरिका का दुशमन नंबर एक था.... 11 सितंबर, 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सैंटर पर हुए हमले के बाद से अमेरिका उसकी तलाश में अफगानिस्तान की खाक़ छान रहा था...लेकिन उसे सफलता मिली इस्लामाबाद के नजदीक।
लादेन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले के अलावा 1998 में अफ़्रीका में अमरीकी दूतावासों पर हमले और सन् 2000 में यमन में अमरीकी युद्धपोत यूएसएस कोल पर किए हमले का भी सुत्रधार था....
सऊदी अरब में एक यमन परिवार में पैदा हुए ओसामा बिन लादेन ने अफगानिस्तान पर सोवियत हमले के ख़िलाफ़ लड़ाई में हिस्सा लेने के लिए 1979 में सऊदी अरब छोड़ दिया। कई जानकार मानते हैं कि ओसामा को ट्रेनिंग सीआईए ने ही दी थी।
अफ़ग़ानिस्तान में ओसामा ने मक्तब अल ख़िदमत की स्थापना की, जिसमें दुनिया भर से लोगों की भर्ती की गई और सोवियत फ़ौजों से लड़ने के लिए हथियारों का आयात किया गया।
सोवियत सेना के अफगानिस्तान से लौट जाने के बाद ओसामा बिन लादेन भी अपना पारिवारिक व्यवसाय संभालने के लिए सऊदी अरब लौट गया था लेकिन 1991 में सरकार विरोधी गतिविधियों के कारण उसे निष्कासित कर दिया गया। इसके बाद पांच साल बाद तक वह सूडान में रहा... अमरीका के दबाव में सूडानी सरकार ने भी उसे निकाल दिया तो वह अफ़ग़ानिस्तान लौट गया।
अमेरिका का कहना है कि ओसामा तीन बड़े हमलों में शामिल था। एक 1993 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में हुई बमबारी.... दूसरा 1996 में सऊदी अरब में 19 अमरीकी सैनिकों की हत्या और तीसरा 1998 में कीनिया और तंज़ानिया में हुई बमबारी..में। 11 सितंबर, 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले ने तो उसे अमेरिका के लिए अतिवांछित बना ही दिया था।
जानकार मानते हैं कि ओसामा का ग्रुप अपहरण और बमों से हमले करने वाले अन्य ग्रुपों से अलग है क्योंकि वह एक सुगठित ढांचे वाला ग्रुप न होकर कई महाद्वीपों में काम कर रहे कई ग्रुपों का गठबंधन है.... अमेरिकी अधिकारी मानते हैं कि ओसामा बिन लादेन के सहयोगी, यूरोप, उत्तरी अमरीका, मध्य पूर्व और एशिया के 40 से भी अधिक देशों में सक्रिय हैं। ओसामा से मिलने वाले लोगों के मुताबिक वह बहुत कम बोलने वाला, शर्मीला किस्म का इंसान था।
ओसामा बिन लादेन के पास अथाह संपत्ति थी.... उसने अफगानिस्तान में तालेबानी अभियान को संरक्षण दे रखा था। उसने अमेरिका के ख़िलाफ़ पवित्र युद्ध और अमेरीकियों और यहूदियों को मारने का आह्वान किया था। इस्लामिक ट्रेनिंग सेंटरों की स्थापना में सहयोग देने का भी ओसामा पर शक है। इनकी मदद से चेचेन्या और पूर्व सोवियत संघ के कई हिस्सों में लड़ाई के लिए योद्धा तैयार किए जाते हैं.... कहा जाता है कि ओसामा के आसपास कोई तीन हज़ार लड़ाकों की फ़ौज होती थी।
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